छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कोल लेवी मामले में फिर तेज हुई जांच, चार कांग्रेस नेताओं को नोटिस, 5 अक्टूबर को विशेष अदालत में पेशी

 छत्तीसगढ़ :  चर्चित कोल लेवी मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव समेत कांग्रेस से जुड़े चार नेताओं को विशेष अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, देवेंद्र यादव को 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे रायपुर स्थित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में पेश होना है।इस मामले में देवेंद्र यादव के अलावा चंद्रदेव राय, विनोद तिवारी और आरपी सिंह के नाम भी जांच से जुड़े दस्तावेजों में सामने आए हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने पहले अपनी जांच में इन लोगों से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई का उल्लेख किया था। हालांकि आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

5 अक्टूबर की पेशी को लेकर क्या है पूरा मामला

EOW और ACB की ओर से जारी नोटिस अपराध क्रमांक 03/2024 से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक विवेचना पूरी होने के बाद विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। नोटिस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 7, 7A और 12 के साथ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं का भी उल्लेख किया गया है।देवेंद्र यादव से सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी EOW कार्यालय में पूछताछ की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार पूछताछ का संबंध सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों और कथित लेनदेन से था। यादव ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।

कोल परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की वसूली का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव के बाद कथित अवैध वसूली का नेटवर्क संचालित हुआ। आरोप है कि कोयला परिवहन करने वालों से प्रति टन 25 रुपये की रकम वसूली जाती थी।ED की जांच के मुताबिक इस अवधि में कथित तौर पर करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली हुई। एजेंसी का कहना है कि इस रकम का एक हिस्सा अधिकारियों और राजनीतिक लोगों तक पहुंचाया गया, जबकि कुछ रकम चुनावी गतिविधियों और संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल हुई।

जांच में डायरी और कथित लेनदेन का भी आया जिक्र

मामले की जांच के दौरान सूर्यकांत तिवारी से जुड़े ठिकानों से मिले दस्तावेजों और डायरियों का भी उल्लेख सामने आया है। जांच एजेंसियां इन दस्तावेजों में दर्ज कथित रकम और अलग अलग लोगों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।ED ने अपनी आधिकारिक कार्रवाई में पहले ही इस मामले में करीब 540 करोड़ रुपये के अपराध से अर्जित धन की बात कही थी। एजेंसी ने कई आरोपियों से जुड़ी चल और अचल संपत्तियों को भी जब्त या अटैच करने की कार्रवाई की है।

अब विशेष अदालत की कार्रवाई पर टिकी नजर

EOW और ACB की विवेचना पूरी होने के बाद अभियोग पत्र विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। 5 अक्टूबर की पेशी इसी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस मामले में जांच एजेंसियों की ओर से लगाए गए आरोपों और संबंधित नेताओं की भूमिका पर अंतिम स्थिति अदालत में होने वाली आगे की कार्यवाही से स्पष्ट होगी।

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