छत्तीसगढ़

बचेली में गेट हटाने को लेकर एनएमडीसी व नगर पालिका आमने सामने


डीएव्ही स्कूल के पास पालिका जनप्रतिनिधियो ने जेसेबी से हटाया, निर्माणाधीन गेट तोड़ने पर एनएमडीसी ने जताई चिंता,
नगर पालिका जनप्रतिनिधियों ने रास्ता बाधित होने की आशंका जताई, एनएमडीसी ने टाउनशिप की सुरक्षा को बताया जरूरी

दुर्जन सिंह

बचेली- एनएमडीसी बचेली टाउनशिप में गेट हटाए जाने के बाद एनएमडीसी प्रबंधन और नगर पालिका के बीच मतभेद का मामला सामने आया है। एक ओर नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों ने गेट निर्माण से स्थानीय निवासियों के आवागमन में परेशानी होने की आशंका जताई, वहीं दूसरी ओर एनएमडीसी प्रबंधन ने इसे टाउनशिप की सुरक्षा से जुड़ा आवश्यक कदम बताते हुए निर्माणाधीन गेट को जेसीबी से क्षतिग्रस्त कर हटाए जाने की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनएमडीसी बचेली कॉम्प्लेक्स में डीएवी पब्लिक स्कूल के समीप, इंटक भवन और स्कूल की दीवारों के बीच से गुजरने वाले रास्ते पर लगभग 15 फीट ऊंचा गेट बनाया जा रहा था। 27 अक्टूबर को सुबह करीब 11.15 बजे इस निर्माणाधीन गेट को जेसीबी मशीन की सहायता से हटा दिया गया। एनएमडीसी प्रबंधन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस घटना में कंपनी की संपत्ति को नुकसान पहुंचा और सुरक्षा संबंधी कार्य प्रभावित हुआ।

नगर पालिका जनप्रतिनिधियों ने जताई आवागमन प्रभावित होने की आशंका

इस मामले में नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि व्यस्त मार्ग पर गेट का निर्माण किए जाने से आसपास के वार्डों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो सकती थी। विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 16 और 17 सहित अन्य लोगों को अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बाजार, डाकघर और स्कूल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने में बाधा आने की आशंका जताई गई थी।

नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों ने निर्माण पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि संबंधित मार्ग स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण है। इसके बाद नगर पालिका की ओर से कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन गेट को गिरा दिया गया। जनप्रतिनिधियो का कहना है कि एनएमडीसी प्रबंधन नगर पालिका से नियमानुसार बिना अनुमति लिये गेट का निर्माण कर रहा था।

एनएमडीसी ने सुरक्षा व्यवस्था को बताया आवश्यक

इन गेटों की स्थापना का उद्देश्य टाउनशिप की सुरक्षा बढ़ाना, सरकारी एवं कंपनी की संपत्ति, मशीनरी और अवसंरचना की सुरक्षा करना तथा रात्रिकालीन समय में अनधिकृत आवागमन को नियंत्रित करना है। प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत रात्रि के समय गेट बंद रखने का प्रावधान है, जबकि टाउनशिप के निवासियों एवं अन्य अधिकृत व्यक्तियों, जिनमें मरीज, स्कूली बच्चे, अभिभावक तथा रेलयात्री शामिल हैं, की आवाजाही सुगम बनाए रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी है। इन उपायों के संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष एवं अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा भी की गई थी।

एनएमडीसी इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करता है। सुरक्षा संबंधी ये उपाय कंपनी के कर्मचारियों, उनके परिवारों, विद्यालय के शिक्षकों, चिकित्सकों तथा अन्य हितधारकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ कंपनी की मशीनरी एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

एनएमडीसी का मानना है कि प्रस्तावित व्यवस्था के संबंध में किसी भी प्रकार की चिंता अथवा आपत्ति होने पर उचित चर्चा एवं समाधान के लिए एनएमडीसी प्रबंधन के समक्ष विषय प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, क्योंकि प्रस्तावित सुरक्षा उपाय एनएमडीसी के स्वामित्व वाले क्षेत्र से संबंधित हैं। एनएमडीसी स्थानीय प्रशासन एवं अन्य हितधारकों के साथ रचनात्मक समन्वय बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, कंपनी अपनी संपत्ति, मशीनरी तथा टाउनशिप के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक एवं विधिसम्मत उपाय जारी रखेगी।

28 अक्टूबर को इस मामले को लेकर एसडीएम कार्यालय में एनएमडीसी प्रबंधन और नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद दोनों पक्ष संबंधित स्थल पर भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों ने कहा कि संबंधित गेट का निर्माण नगर पालिका से आवश्यक अनुमति लिए बिना कराया जा रहा था। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका थी। इसी के मद्देनजर निर्माणाधीन गेट को हटाने की कार्रवाई की गई। जनप्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि इसी तरह बिना आवश्यक अनुमति के निर्माण किया जाता है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्थल पर एसडीएम राजीव कुुजुर, तहसीलदार महेश कश्यप, एसडीओपी अविनाश ठाकुर, पालिकाध्यक्ष राजू जायसवाल, उपाध्यक्ष सतीशप्रेम चंदानी, मंडल अध्यक्ष अमलेंदु चक्रवर्ती, विधायक प्रतिनिधि निलेश पाटले, सलीम रज़ा उस्मानी, दीपक सरकार, एनएमडीसी से एसके बंसेाड़, अम्मना राव, अमरदीप व अन्य अधिाकारी व प्रतिनिधियो की मौजूदगी रही।
एसडीएम राजीव कुजुर ने दोनों पक्षों से आपसी संवाद और समन्वय के माध्यम से मामले का समाधान निकालने की अपील की, ताकि टाउनशिप की सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों की आवाजाही भी सुचारु बनी रहे।

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