छत्तीसगढ़

बिजली बिल की बढ़ती रकम से गरीब परिवार परेशान, कमर तोड़ रहा आर्थिक बोझ – माड़वी देवा

सुकमा:- सुकमा जिले के दोरनापाल नगर पंचायत समेत आसपास के ग्रामीण अंचलों में बिजली बिलों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर लगाए जाने और लगातार बिगड़ती विद्युत व्यवस्था को लेकर लोगों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। सोमवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बिजली विभाग कार्यालय दोरनापाल का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विद्युत व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष माड़वी देवा के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में ग्रामीणों ने बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों, लो-वोल्टेज, बार-बार बिजली गुल होने और अंदरूनी इलाकों में लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

माड़वी देवा ने कहा कि आए दिन बिजली की समस्या से जनता जूझ रही है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बढ़ते बिजली बिल आर्थिक परेशानी का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को पर्याप्त जानकारी और जागरूकता दिए बिना स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के दौरान लोगों से कहा गया था कि पूरे जिले में स्मार्ट मीटर लगने के बाद ही नई व्यवस्था के तहत बिल आएगा, लेकिन कई उपभोक्ताओं के अनुसार मीटर लगते ही स्मार्ट मीटर के बिल आना शुरू हो गया। ग्रामीणों का दावा है कि पुराने मीटर में जहां सामान्य बिल आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई परिवारों को पहले की तुलना में काफी अधिक बिल मिलने की शिकायत है।

माड़वी देवा ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर ग्रामीणों के मन में कई सवाल हैं, जिनका बिजली विभाग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन उपभोक्ताओं के बिल अचानक बढ़े हैं, उनके मीटर और बिल की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

वहीं कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था को लेकर भी विभाग पर गंभीर सवाल उठाए। माड़वी देवा के मुताबिक अंदरूनी इलाकों में कई जगह महीनों तक बिजली नहीं रहने की शिकायतें सामने आती हैं। पर्याप्त कर्मचारी और तकनीकी अमले की कमी के कारण बिजली खराब होने या लाइन में समस्या आने पर समय पर सुधार नहीं हो पाता। इसका सबसे ज्यादा असर दूरदराज के ग्रामीणों पर पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली केवल रोशनी का साधन नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज, छोटे व्यवसाय और रोजमर्रा की जिंदगी की बुनियादी जरूरत बन चुकी है। ऐसे में लंबे समय तक बिजली बंद रहने से ग्रामीणों की परेशानियां कई गुना बढ़ जाती हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग से बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच, स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी देने, विद्युत कर्मचारियों की कमी दूर करने और अंदरूनी क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कहा कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनता की समस्याओं को सामने लाने के लिए किया गया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दोरनापाल में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था और स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रही शिकायतों को सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि बिजली विभाग इन शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत कब मिलती है।

आज बिजली विभाग कार्यालय के घेराव के बाद जेईई मनोज साहू ने बताया कि स्टाफ की कमी होने के वजह से बिजली सुधार करने में समय लगता है इस संबंध में मैने अपने उच्च अधिकारियों से बात की है जल्द ही स्टाफ की कमी दूर होगी ओर बाकी अन्य समस्याओं का भी जल्द निराकरण किया जाएगा

कृष्णा नायकमो नं० 07999654543

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