छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, मिठाई दुकानों से लेकर डेयरी और ढाबों तक जांच, 5 प्रतिष्ठानों पर लगा जुर्माना

 बीजापुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। भोपालपटनम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मिठाई दुकानों, डेयरी, होटल और ढाबों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में वैध खाद्य लाइसेंस नहीं मिलने पर जुर्माना लगाया गया।जांच के दौरान पांच प्रतिष्ठानों पर कुल 9,500 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई। वहीं, एक मिठाई निर्माण केंद्र में बिना लाइसेंस के मिठाई तैयार किए जाने का मामला सामने आने पर अलग से 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रशासन ने सभी कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन करने की हिदायत दी है।

कलेक्टर के निर्देश पर चला जांच अभियान

खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ और कलेक्टर विश्वदीप के निर्देश पर जिले में खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। अधिकारियों को मिठाई बनाने वाली इकाइयों, डेयरी, होटलों, ढाबों और मिठाई बेचने वाली किराना दुकानों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है।इस अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ कारोबारियों को लाइसेंस और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन कराना है।

बिना लाइसेंस मिठाई बनाने पर कान्हा बीकानेर स्वीट्स पर जुर्माना

भोपालपटनम में निरीक्षण के दौरान मेसर्स कान्हा बीकानेर स्वीट्स के मिठाई निर्माण केंद्र में गंभीर अनियमितता मिली। जांच अधिकारियों ने पाया कि यहां वैध खाद्य लाइसेंस के बिना मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था।इस पर विभागीय टीम ने संबंधित प्रतिष्ठान पर 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही संचालक को निर्देश दिया गया कि खाद्य लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही मिठाइयों का निर्माण और बिक्री की जाए।

डेयरी, ढाबे और होटल भी जांच के दायरे में

खाद्य विभाग की टीम ने भोपालपटनम के अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह लाइसेंस संबंधी कमियां सामने आईं।

जांच में जिन प्रतिष्ठानों के नाम सामने आए, उनमें शामिल हैं:

  • बिस्मिल्लाह डेयरी
  • मोना ढाबा
  • श्री राजन ढाबा
  • गुप्ता होटल
  • कान्हैया बीकानेर स्वीट्स का मिठाई निर्माण केंद्र

इन प्रतिष्ठानों में पाई गई लाइसेंस संबंधी अनियमितताओं के आधार पर कुल 9,500 रुपये की चालानी कार्रवाई की गई। इसके अलावा कुछ दुकानों में ब्रांडेड पैक्ड मिठाइयों की बिक्री भी पाई गई।

पहले भी मिठाई बनाने पर लगाई जा चुकी है रोक

बीजापुर में खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग पहले भी कार्रवाई कर चुका है। इससे पहले मेसर्स कन्हैया स्वीट्स के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया गया था। उस दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली थी।स्थिति को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने तत्काल मिठाई निर्माण का काम बंद करा दिया था। संचालक को जरूरी सुधार करने और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए थे।

सफाई के बाद फर्श पर बिछाया नया मैट, कर्मचारियों ने लगाई कैप

विभागीय निर्देश मिलने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान के संचालक ने मिठाई निर्माण केंद्र में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया।इस दौरान फर्श पर नया मैट बिछाया गया। खाद्य सामग्री रखने वाली अलमारियों और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की सफाई कराई गई। परिसर में रखे अनावश्यक सामान को भी हटाया गया।इसके साथ ही कर्मचारियों ने सिर पर कैप पहनकर काम करना शुरू किया। अधिकारियों ने सुधार के बाद भी नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

खाद्य लाइसेंस और स्वच्छता में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण और बिक्री करने वाले सभी कारोबारियों के पास वैध खाद्य लाइसेंस होना अनिवार्य है। इसके अलावा खाद्य सामग्री तैयार करने और रखने वाली जगहों पर साफ-सफाई के निर्धारित मानकों का पालन करना भी जरूरी है।निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता

बीजापुर जिले में लगातार हो रही जांच से खाद्य कारोबारियों में सतर्कता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। भोपालपटनम में पांच प्रतिष्ठानों पर चालानी कार्रवाई और बिना लाइसेंस मिठाई निर्माण के मामले में जुर्माना इसी अभियान का हिस्सा है।प्रशासन ने कारोबारियों को साफ संदेश दिया है कि खाद्य सुरक्षा के नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण और कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा।

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