छत्तीसगढ़

बचेली में आंगनबाड़ी केन्द्रो में आंगन मिलन उत्सव का आयोजन, पोषण व बाल विकास दिया संदेश


वार्ड 9 एवं 12 के आंगनबाड़ी केंद्रों में गोदभराई, अन्नप्राशन, मेहंदी व बाल गतिविधियों का आयोजन, कुपोषण से सुपोषण की ओर बढ़े बच्चों की माताएं हुईं सम्मानित

दुर्जन सिंह

बचेली- एकीकृत बाल विकास परियोजना, बचेली के तत्वावधान में संकल्प दिवस के अंतर्गत आंगन मिलन उत्सव का आयोजन 30 सिंतबर बुधवार को नगर के वार्ड क्रमांक 9 एवं 12 स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में माताओं, बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की सहभागिता रही। आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के साथ समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। केंद्रों में पौष्टिक आहार, मिलेट्स, फल, दाल, रोटी एवं संतुलित भोजन से संबंधित प्रदर्शनी लगाकर माताओं को बच्चों के उचित पोषण के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही बच्चों के विकास, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित संदेश भी प्रदर्शित किए गए।

आंगन मिलन उत्सव के दौरान गोदभराई एवं अन्नप्राशन संस्कार का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने कविता प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा दिखाई, वहीं महिलाओं के लिए मेहंदी कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभिन्न गतिविधियों में बच्चों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पर बच्चों के लिए मनोरंजक एवं रचनात्मक गतिविधियां भी कराई गईं। इस अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़कर कुपोषण से सुपोषण की ओर आए बच्चों की माताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके माध्यम से माताओं को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति निरंतर जागरूक रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के पार्षद धनसिंह नाग, अरुणा टंडन एवं सुदीप मंडल के कर-कमलों से पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उर्मिला भारद्वाज एवं प्रतिभा नाग, सहायिकाएं शांति कुंजाम एवं गायत्री साहू सहित बड़ी संख्या में हितग्राही माताएं एवं बच्चे उपस्थित रहे। आयोजन ने आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और पोषण के साथ-साथ माताओं एवं समुदाय की सक्रिय सहभागिता का मंच बनाने का संदेश दिया। सही पोषण, देश रोशन के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों के स्वस्थ विकास और कुपोषण मुक्त समाज की दिशा में सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने वाला रहा।

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