शराब के नशे में स्कूल पहुंचा हेडमास्टर, शिक्षकों से बोला शिकायत जहां करनी है कर लो; वीडियो वायरल होते ही सस्पेंड

जांजगीर चांपा : पामगढ़ विकासखंड से शिक्षा व्यवस्था को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भांठापारा भुईगांव के सरकारी स्कूल में पदस्थ हेडमास्टर योगेश्वर सिंह कंवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में वह कथित तौर पर शराब के नशे में लड़खड़ाते हुए स्कूल पहुंचे नजर आ रहे हैं।मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर जांच शुरू हुई और जिला शिक्षा अधिकारी ने हेडमास्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें पामगढ़ BEO कार्यालय से अटैच किया गया है।
स्कूल में नशे की हालत में पहुंचने का आरोप
वायरल वीडियो में हेडमास्टर के स्कूल परिसर में होने और उनके नशे की हालत में नजर आने का दावा किया जा रहा है। जब स्कूल के शिक्षकों ने उनके व्यवहार का विरोध किया तो उन्होंने कथित तौर पर शिकायत करने की चुनौती दी।वीडियो में वह यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि वीडियो बनाओ और जहां भेजना है भेज दो। इसके साथ ही BEO, DEO और कलेक्टर तक शिकायत करने की बात भी कहते दिखाई दे रहे हैं।
महिला शिक्षक से विवाद का भी मामला
बताया जा रहा है कि स्कूल में हेडमास्टर और एक महिला शिक्षक के बीच पहले से विवाद चल रहा है। आरोप है कि हेडमास्टर ने बच्चों के सामने महिला शिक्षक का अपमान किया।वायरल वीडियो में उन्हें महिला शिक्षक के पढ़ाने के तरीके पर भी टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है। हालांकि, इन आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
गांव के जनप्रतिनिधि पहुंचे स्कूल
हेडमास्टर के व्यवहार की जानकारी मिलने के बाद गांव के जनप्रतिनिधि भी स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्थिति को शांत करने और हेडमास्टर को समझाने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी गतिविधियों का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया, जो बाद में वायरल हो गया।वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में शिक्षकों के अनुशासन और बच्चों के सामने उनके आचरण को लेकर भी सवाल उठने लगे।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी मनोहर प्रताप सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो के माध्यम से हेडमास्टर के शराब के नशे में स्कूल पहुंचने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पामगढ़ BEO कार्यालय में अटैच किया गया है।कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच में यदि संबंधित शिक्षक दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ नियमों के तहत आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिले के स्कूलों में अब होगी नियमित निगरानी
मामले के बाद कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से शिक्षकों की उपस्थिति, अनुशासन और कार्यप्रणाली पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।इसके साथ ही स्कूलों में नशे या अनुशासनहीनता से जुड़ी शिकायत मिलने पर संबंधित शिक्षकों की जानकारी जुटाकर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतों की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
पुराने अनुशासनहीनता मामलों की भी मांगी जानकारी
कलेक्टर ने अब तक सामने आए अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों में हुई विभागीय जांच और कार्रवाई की ताजा स्थिति की जानकारी भी मांगी है। अधिकारियों से ऐसे मामलों का विवरण देने को कहा गया है, जिनमें विभागीय स्तर पर बड़ी सजा दी गई है।इस कार्रवाई के बाद अब हेडमास्टर के खिलाफ चल रही जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।




