सक्ती के सरकारी स्कूल में शिक्षक पर छात्रा ने लगाए गंभीर आरोप, कॉपी जांचने के दौरान अनुचित तरीके से छूने की शिकायत

सक्ती : मिरौनी गांव स्थित एक सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षक पर कक्षा 5वीं की छात्रा ने अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया है। छात्रा ने शिकायत में कहा है कि शिक्षक कैलाश पटेल कॉपी जांचने के दौरान उसे गलत तरीके से छूते हैं।छात्रा की शिकायत सामने आने के बाद स्कूल में शिक्षक के व्यवहार को लेकर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
शिक्षक पर महिला स्वीपर के साथ वाशरूम में जाने का भी आरोप
छात्रा ने शिक्षक पर एक महिला स्वीपर के साथ वाशरूम में जाने का आरोप भी लगाया है। छात्रा का कहना है कि शिक्षक का ध्यान पढ़ाई की ओर नहीं रहता और स्कूल के समय मोबाइल फोन चलाने में भी समय बिताते हैं।इन आरोपों के सामने आने के बाद स्कूल में कार्यरत महिला स्वीपर के साथ शिक्षक के व्यवहार को लेकर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि सभी आरोपों की जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
स्कूल की रसोइया ने भी शिक्षक के व्यवहार को लेकर कही कई बातें
स्कूल में काम करने वाली रसोइया चंद्राबाई चौहान ने भी शिक्षक के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने रखी हैं। उनका आरोप है कि शिक्षक नियमित रूप से बच्चों को नहीं पढ़ाते और पढ़ाई के लिए कहने वाले विद्यार्थियों को फटकार लगाई जाती है।रसोइया के अनुसार, शिक्षक और महिला स्वीपर के एक साथ बैठे रहने को लेकर बच्चे भी उनसे अपनी बातें साझा करते रहे हैं। हालांकि इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही
मामला सक्ती की जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी द्विवेदी तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा है कि बच्चों की ओर से की गई शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने पुराने पदस्थापन को लेकर भी उठाए सवाल
ग्रामीणों का दावा है कि कैलाश पटेल इससे पहले शासकीय प्राथमिक शाला डोमनपुर में पदस्थ थे। ग्रामीणों के मुताबिक वहां भी उनके व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आई थीं और बाद में उनका तबादला किया गया।फिलहाल वर्तमान मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच बाकी है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और शिक्षक की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




