छत्तीसगढ़

माल ढुलाई में रिकॉर्ड बनाने वाले रेलवे जोन की यात्री सुविधाओं की खुली पोल, CAG रिपोर्ट ने स्टेशनों पर दिखा दीं ऐसी कमियां

 बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यानी SECR माल ढुलाई के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए जाना जाता है, लेकिन यात्रियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की रिपोर्ट में SECR की यात्री सुविधाओं को लेकर गंभीर कमियां सामने आई हैं।

CAG ने देश के 16 रेलवे जोन में यात्रियों के लिए उपलब्ध न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं का आकलन किया। इस जांच में SECR का डेफिशिएंसी स्कोर 106.6 दर्ज किया गया, जो सभी जोन में सबसे अधिक रहा। इस आकलन में कम स्कोर को बेहतर प्रदर्शन का संकेत माना गया है।

CAG ने देशभर के 512 रेलवे स्टेशनों को नमूने के तौर पर लेकर 16 जरूरी यात्री सुविधाओं की स्थिति का परीक्षण किया। 3 अगस्त को जारी रिपोर्ट फरवरी 2025 तक उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है।

बड़े स्टेशन भी जांच में पूरी तरह पास नहीं हो सके

CAG की जांच में बिलासपुर स्टेशन को NSG-2 और A1 श्रेणी का स्टेशन बताया गया है। इसे अमृत भारत स्टेशन योजना में भी शामिल किया गया है। रायपुर और दुर्ग भी SECR के प्रमुख स्टेशनों में शामिल हैं।

इसके बावजूद इन महत्वपूर्ण स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं से जुड़ी कुछ कमियां ऑडिट में सामने आई हैं। इससे आधुनिक स्टेशन विकसित करने की योजनाओं के बीच मौजूदा बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

कहीं पंखे और घड़ी की कमी तो कहीं पानी की सुविधा अधूरी

CAG की रिपोर्ट में SECR के कई प्रमुख स्टेशनों पर अलग-अलग तरह की कमियां दर्ज की गई हैं।

दुर्ग स्टेशन पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म की कमी सामने आई। चांपा स्टेशन पर पंखे, घड़ी, वॉटर कूलर और साइनेज जैसी सुविधाओं की कमी पाई गई। रायगढ़ स्टेशन पर वॉटर कूलर और साइनेज की कमी दर्ज की गई।

राजनांदगांव स्टेशन पर टॉयलेट और पंखों से जुड़ी कमियां ऑडिट में सामने आईं। ये सुविधाएं यात्रियों की रोजमर्रा की जरूरत से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए इनकी कमी खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

डस्टबिन की व्यवस्था ने भी खड़े किए सवाल

रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता को लेकर भी CAG ने निर्धारित मानकों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर पाया। NSG-1 से NSG-5 श्रेणी के स्टेशनों पर प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर लगभग 50 मीटर की दूरी पर डस्टबिन उपलब्ध कराने का मानक निर्धारित है।

ऑडिट के दौरान बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग में डस्टबिन की व्यवस्था तय मानक के अनुरूप नहीं मिली। खास बात यह है कि बिलासपुर स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है, फिर भी ऑडिट के समय बुनियादी स्वच्छता व्यवस्था में कमी पाई गई।

ट्रैक किनारे कचरा मिला, कई जगह कचरा रखने की व्यवस्था भी नहीं

कचरा प्रबंधन के मामले में भी SECR के कई स्टेशनों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। CAG के अनुसार नौ स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म लाइन के किनारे रेलवे ट्रैक साफ नहीं मिले।

इसके अलावा तीन स्टेशनों पर कचरा रखने के लिए निर्धारित व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। इससे पता चलता है कि स्टेशन को आधुनिक बनाने के साथ-साथ नियमित सफाई और कचरा प्रबंधन पर भी उतना ही ध्यान देने की जरूरत है।

अब पानी की गुणवत्ता पर रेलवे बोर्ड की सीधी निगरानी

CAG की रिपोर्ट के बाद यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे स्तर पर समीक्षा भी की गई है। SECR के CPRO शेख शमी उर रहमान के अनुसार रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं CEO और वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे दिन समीक्षा की।

समीक्षा के बाद यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंक टू टैप वाटर फिल्ट्रेशन और मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें वॉटर कूलर भी शामिल किए जाएंगे। पुरानी पानी की टंकियों को भी बदलने की योजना है।

पानी की गुणवत्ता की निगरानी अब रेलवे बोर्ड के स्तर से किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले समय में यात्रियों को मिलने वाले पेयजल की गुणवत्ता और उसकी नियमित निगरानी पर ज्यादा जोर दिखाई दे सकता है।

रिपोर्ट ने माल ढुलाई की सफलता के बीच यात्री सुविधाओं की दूसरी तस्वीर दिखाई

SECR की पहचान देश के प्रमुख माल ढुलाई वाले रेलवे जोन में होती है, लेकिन CAG की रिपोर्ट ने यात्री सुविधाओं से जुड़े एक अलग पक्ष को सामने रखा है। बड़े और महत्वपूर्ण स्टेशनों पर भी पानी, स्वच्छता, साइनेज, पंखे, टॉयलेट और कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी जरूरतों में कमियां मिलना रेलवे के लिए सुधार का स्पष्ट संकेत है।

अब देखने वाली बात होगी कि CAG की रिपोर्ट में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए किए गए फैसले कितनी तेजी से जमीन पर लागू होते हैं और यात्रियों को वास्तविक स्तर पर इसका कितना लाभ मिलता है।

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