नए भवन ने बदली बच्चों की दुनिया, बेहतर सुविधाओं के साथ आंगनबाड़ी केंद्र में अब आसान हुआ सीखना और काम करना

रायपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और माताओं तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार की योजनाओं का असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत सपना के झोझया पारा धनगवां में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जा रहा है। 11.69 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस भवन से बच्चों, माताओं और आंगनबाड़ी कर्मियों को पहले की तुलना में बेहतर वातावरण मिलने लगा है।
दो योजनाओं के सहयोग से तैयार हो रहा भवन
नए आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए अलग-अलग योजनाओं से राशि उपलब्ध कराई गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिसरण से 3.69 लाख रुपये और विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण वीबी-जी राम जी के माध्यम से 8 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।इस पहल का उद्देश्य केवल एक नया भवन तैयार करना नहीं, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्र को बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और मातृ-शिशु सेवाओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।
किराये की जगह की परेशानी से मिली राहत
पहले यह आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवन में चलता था। जगह कम होने के कारण बच्चों के बैठने, खेलने और सीखने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं था। भोजन बनाने और बच्चों की गतिविधियां संचालित करने का काम भी सीमित जगह में करना पड़ता था, जिससे कार्यकर्ताओं को रोजमर्रा की व्यवस्थाओं में काफी दिक्कत होती थी।अब चार कमरों वाले नए भवन से यह स्थिति काफी बदल गई है। बच्चों के लिए पर्याप्त जगह के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दीवारों पर बनाए गए आकर्षक चित्र केंद्र के वातावरण को बच्चों के लिए अधिक रुचिकर बना रहे हैं।
खेल-खेल में सीखने का मिल रहा बेहतर माहौल
नए भवन में बच्चों को पढ़ाई और गतिविधियों के लिए पहले से अधिक व्यवस्थित स्थान मिला है। बेहतर वातावरण के कारण बच्चों में आंगनबाड़ी केंद्र आने को लेकर उत्साह भी बढ़ा है। खेल और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए उन्हें सीखने के अवसर मिल रहे हैं।
पोषण के साथ स्वास्थ्य जागरूकता पर भी जोर
आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को गरम भोजन और रेडी-टू-ईट पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। गर्भवती और शिशुवती माताओं को भी निर्धारित पोषण सामग्री देने के साथ स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाती है।बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को लेकर जागरूकता बढ़ाने में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका है। इस तरह केंद्र बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के साथ पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का भी महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है।
कार्यकर्ताओं के लिए भी हुआ काम आसान
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उर्मिला के अनुसार पुराने किराये के भवन में केवल एक कमरे के कारण भोजन तैयार करने, बच्चों को पढ़ाने और अन्य गतिविधियां संचालित करने में काफी परेशानी आती थी। नए भवन में अलग-अलग कमरों, पर्याप्त स्थान और शौचालय जैसी सुविधाओं के कारण काम अधिक व्यवस्थित तरीके से हो पा रहा है।उन्होंने बताया कि नए भवन से बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिला है, वहीं कार्यकर्ताओं को भी सुविधाजनक कार्यस्थल उपलब्ध हुआ है। विभागीय योजनाओं के समन्वय से आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति में हो रहे बदलाव का सीधा फायदा बच्चों, माताओं और कर्मचारियों तक पहुंच रहा है।




