स्वास्थ्य विभाग पर कलेक्टर सख्त, भर्ती में देरी और लापरवाही पर दो अफसरों को नोटिस

मुंगेली : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा भर्ती प्रक्रिया में हुई देरी अब अधिकारियों पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। प्रशासनिक लापरवाही और समय पर पदपूर्ति नहीं होने को गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक गिरीश कुर्रे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
भर्ती में देरी से प्रभावित हुई कई स्वास्थ्य योजनाएं
जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि शासन से पहले ही स्वीकृति मिलने के बावजूद तय समय सीमा में संविदा पदों पर भर्ती पूरी नहीं की गई। इसका असर स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों पर पड़ा है। प्रशासन ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना है।
नोटिस में दोनों अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
आयुष्मान कार्ड से लेकर टीकाकरण तक कई कामों में मिली सुस्ती
जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्यों में सुस्ती पर भी नाराजगी जताई है। इनमें आयुष्मान कार्ड और आभा कार्ड निर्माण के लक्ष्य पूरे नहीं होना, गैर संचारी रोगों के मरीजों की पहचान और उपचार में धीमापन, डीएमएफ प्रस्तावों की जानकारी लंबित रहना, नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भूमि आबंटन और भवन निर्माण में देरी जैसी बातें शामिल है।
इसके अलावा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई, टीकाकरण अभियान और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान जैसे अहम कार्यों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर प्रशासन ने असंतोष जताया है।
कलेक्टर बोले, पारदर्शिता और समयसीमा से नहीं होगा समझौता
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने साफ कहा है कि मुख्य सचिव स्तर से भी भर्ती प्रक्रिया को समय पर पूरा करने और पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए है। शासन की मंशा के अनुरूप सभी चयन प्रक्रियाएं निष्पक्ष और नियमसम्मत तरीके से पूरी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।




