छत्तीसगढ़

करोड़ों की कार्रवाई के बाद अब बड़ा कदम, आखिर किस कारोबारी तक पहुंची जांच की आंच?

 महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई तेज, विकास गर्ग गिरफ्तार

रायपुर। महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एबिक्स के चेयरमैन और कारोबारी विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। इससे पहले एजेंसी उनकी और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है।

दिल्ली स्थित आवास से लिया हिरासत में

ईडी ने विकास गर्ग को दिल्ली स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उन्हें आगे की पूछताछ के लिए रायपुर लाया गया। संभावना है कि उन्हें बुधवार को रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया जाएगा।

940 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां अटैच

गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही ईडी ने विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों की कुल 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं। इनमें दिल्ली, गोवा और नैनीताल में स्थित 12 अचल संपत्तियां भी शामिल हैं।

तीन सूचीबद्ध कंपनियों से जुड़ा नाम

विकास गर्ग तीन सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटर हैं। इनमें विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड शामिल हैं।

पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहे

यह पहली बार नहीं है जब विकास गर्ग ईडी की जांच के दायरे में आए हों। नवंबर 2025 में एजेंसी ने उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। उस समय जांच लगभग 190 करोड़ रुपये की कथित कस्टम ड्यूटी धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी थी।

ईडी के अनुसार, उस मामले में सुपारी और अन्य सामानों के कथित अवैध आयात का आरोप था। जांच में यह भी सामने आया था कि फर्जी निर्यात दस्तावेजों का इस्तेमाल कर इन सामानों को घरेलू बाजार में बेचा गया और ड्यूटी फ्री आयात सुविधा का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी।

पहले भी हुई थी छापेमारी

ईडी ने 12 नवंबर 2025 को विकास गर्ग और उनके सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान एजेंसी ने कई कर्मचारियों से पूछताछ कर दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जुटाए थे। फिलहाल महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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