छत्तीसगढ़

Bilaspur High Court: कश्मीरी छात्र को मिली बड़ी राहत, आपराधिक केस की कार्रवाई पर रोक; अब शिकायतकर्ता से मांगा जवाब

 बिलासपुर :  हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के रहने वाले 23 वर्षीय छात्र को अंतरिम राहत देते हुए उसके खिलाफ बिलासपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने की। अदालत ने शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

विवाद के बाद दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत

याचिकाकर्ता सूफी अब्दुल रहमान की ओर से अधिवक्ता ईशान वर्मा ने अदालत को बताया कि कथित घटना 24 अप्रैल 2026 की है, जबकि शिकायतकर्ता ने इसके संबंध में 26 अप्रैल को एफआईआर दर्ज कराई थी। याचिका में दावा किया गया कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच विवाद हो चुका था।अधिवक्ता के अनुसार, विवाद को लेकर छात्र ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष के समक्ष शिकायत की थी। विभागाध्यक्ष की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझा भी लिया गया था।

कार्यालय से बाहर निकलने के बाद फिर बढ़ा विवाद

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में बताया गया कि विभागाध्यक्ष के कार्यालय से बाहर आने के बाद शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर छात्र को धमकी दी और उसके छत्तीसगढ़ का निवासी नहीं होने की बात कही। इसके बाद दोनों के बीच दोबारा विवाद हुआ।छात्र ने भी घटना के संबंध में पुलिस के समक्ष शिकायत दी थी। इस शिकायत के आधार पर 27 अप्रैल 2026 को काउंटर केस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर आपराधिक मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, बिलासपुर की अदालत में चल रहा है।

छात्र ने भविष्य पर असर का दिया हवाला

याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि छात्र की उम्र महज 23 वर्ष है और वह जम्मू-कश्मीर स्थित अपने स्थायी निवास से दूर रहकर पढ़ाई कर रहा है। उसका अकादमिक रिकॉर्ड भी अच्छा बताया गया। वकील ने दलील दी कि आपराधिक मामला लंबे समय तक चलने से उसकी शिक्षा के साथ-साथ भविष्य के करियर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।याचिका में एफआईआर को घटना का एकतरफा विवरण बताते हुए उसे निरस्त करने और उसके आधार पर चल रही आपराधिक कार्यवाही खत्म करने की मांग की गई।

अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक

हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता अमन कुमार गुप्ता को स्पीड पोस्ट के जरिए नोटिस जारी किया है। राज्य की ओर से नोटिस स्वीकार कर लिए जाने के कारण उसे अलग से नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं मानी गई।अदालत ने राज्य और शिकायतकर्ता को नोटिस मिलने की तारीख से दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया है। तब तक छात्र के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक प्रभावी रहेगी।

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