
मुंबई: एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने पॉलिसीधारकों की लंबी अवधि की वित्तीय योजनाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ‘वेवर ऑफ प्रीमियम’ राइडर लॉन्च किया है। इस सुविधा का मकसद गंभीर बीमारी या दिव्यांगता जैसी निर्धारित परिस्थितियों में प्रीमियम चुकाने में आने वाली परेशानी के बावजूद जीवन बीमा पॉलिसी को जारी रखने में मदद करना है। कंपनी के मुताबिक, पात्र परिस्थितियां उत्पन्न होने पर भविष्य के प्रीमियम माफ किए जा सकेंगे, जिससे ग्राहकों के वित्तीय लक्ष्यों को बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
क्या है वेवर ऑफ प्रीमियम राइडर?
लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाते समय बच्चों की शिक्षा, रिटायरमेंट और परिवार की आर्थिक सुरक्षा जैसे लक्ष्यों के लिए नियमित निवेश या प्रीमियम भुगतान जरूरी होता है। लेकिन गंभीर बीमारी, दिव्यांगता या किसी अन्य अप्रत्याशित स्थिति में व्यक्ति की आय और भुगतान करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एसबीआई लाइफ ने यह राइडर पेश किया है। इसके तहत पॉलिसी में निर्धारित शर्तें पूरी होने पर भविष्य के प्रीमियम माफ किए जा सकते हैं। इसमें लागू नियमों के अनुसार अतिरिक्त प्रीमियम भी शामिल होंगे। इससे मूल बीमा पॉलिसी और उससे जुड़े अन्य राइडर अपनी निर्धारित शर्तों के मुताबिक जारी रह सकते हैं।
बच्चों की शिक्षा और रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों को मिलेगा सहारा
इस सुविधा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करने में मदद करना है कि आर्थिक मुश्किल आने पर भी पॉलिसीधारक की दीर्घकालिक वित्तीय योजनाएं पूरी तरह बाधित न हों। प्रीमियम भुगतान से जुड़ी जिम्मेदारी में राहत मिलने पर परिवार की वित्तीय सुरक्षा और बच्चों की पढ़ाई जैसे लक्ष्यों को जारी रखने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, राइडर का लाभ किन परिस्थितियों में मिलेगा और इसके लिए क्या पात्रता होगी, यह संबंधित पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करेगा। इसलिए ग्राहकों के लिए राइडर से जुड़े नियमों और अपवादों को समझना जरूरी है।
चुनिंदा जीवन बीमा योजनाओं के साथ मिलेगा विकल्प
कंपनी के अनुसार, ‘वेवर ऑफ प्रीमियम’ राइडर एसबीआई लाइफ के चुनिंदा व्यक्तिगत नॉन-लिंक्ड और लिंक्ड जीवन बीमा उत्पादों के साथ उपलब्ध होगा। इसके जरिए ग्राहक अपनी बीमा योजना में अतिरिक्त सुरक्षा जोड़ सकेंगे।
यह सुविधा उन लोगों के लिए प्रासंगिक हो सकती है, जो लंबे समय के वित्तीय लक्ष्य तय करते हैं और चाहते हैं कि अप्रत्याशित परिस्थितियों में भी उनकी बीमा योजना निर्धारित शर्तों के अनुसार जारी रह सके।
कंपनी ने वित्तीय सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
राइडर लॉन्च के मौके पर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के प्रेसिडेंट एवं चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर एम. आनंद ने कहा कि वित्तीय सुरक्षा का अर्थ केवल भविष्य की जरूरतों के लिए तैयारी करना नहीं है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की क्षमता बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि लंबी अवधि की योजनाओं में उन जोखिमों पर भी ध्यान देना जरूरी है, जो किसी व्यक्ति की प्रीमियम चुकाने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। उनके मुताबिक, नया राइडर ग्राहकों को ऐसी परिस्थितियों में अपनी वित्तीय योजनाओं को जारी रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने की सोच पर आधारित है।
एम. आनंद ने आगे कहा कि कंपनी का प्रयास ग्राहकों की बदलती वित्तीय जरूरतों के अनुरूप सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्धारित परिस्थितियों में प्रीमियम से राहत मिलने की सुविधा ग्राहकों को अपने वित्तीय भविष्य की योजना अधिक भरोसे के साथ बनाने में मदद करेगी।
राइडर लेने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
वेवर ऑफ प्रीमियम राइडर चुनने से पहले ग्राहकों को यह जांचना चाहिए कि उनकी पॉलिसी इस सुविधा के लिए पात्र है या नहीं। इसके अलावा, किन बीमारियों या परिस्थितियों में लाभ मिलेगा, प्रीमियम माफी कब से लागू होगी और कौन-सी शर्तें या अपवाद लागू होंगे, इसकी जानकारी लेना भी जरूरी है।
ध्यान रहे कि यह सुविधा सभी परिस्थितियों में अपने आप लागू नहीं होती। इसका वास्तविक लाभ संबंधित बीमा उत्पाद और राइडर के नियमों के आधार पर तय होगा।



