छत्तीसगढ़

श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी, पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार; छात्रवृत्ति के साथ मिलेगी अतिरिक्त आर्थिक सहायता

बलौदा बाजार। आर्थिक परेशानियों के कारण बच्चों की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार की नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना श्रमिक परिवारों के लिए मजबूत सहारा बनकर सामने आई है। इस योजना के जरिए पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। छात्रवृत्ति के साथ कॉपी, किताब, स्टेशनरी और गणवेश के लिए भी अलग से सहायता राशि दी जाती है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।

पहली कक्षा से उच्च शिक्षा तक मिलेगा लाभ, छात्रवृत्ति राशि 10 हजार रुपए तक

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के परिवारों के प्रथम दो बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जाता है। छात्रवृत्ति की राशि बच्चों की शैक्षणिक कक्षा और पाठ्यक्रम के आधार पर निर्धारित की जाती है। पहली कक्षा से लेकर स्नातकोत्तर तथा विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को 1 हजार रुपए से 10 हजार रुपए तक की सहायता प्रदान की जाती है।

स्टेशनरी और गणवेश के लिए भी मिलेगी अलग सहायता राशि

योजना की खास बात यह है कि छात्रवृत्ति के अतिरिक्त प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को स्टेशनरी और स्कूल गणवेश के लिए 2 हजार रुपए की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। इससे बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है और अभिभावकों पर खर्च का दबाव कम होता है।

शिक्षा को मजबूत बनाकर बच्चों के भविष्य को संवारने की पहल

राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने। नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि शिक्षा ही बच्चों के सुरक्षित और सफल भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है।

ऐसे कर सकते हैं आवेदन, विभाग ने पात्र हितग्राहियों से की अपील

श्रम विभाग ने सभी पात्र पंजीकृत निर्माण श्रमिकों से इस योजना का लाभ लेने का आग्रह किया है। इच्छुक हितग्राही चॉइस सेंटर, श्रम संसाधन केंद्र, श्रमेव जयते ऐप, विभागीय वेबसाइट अथवा कलेक्टर परिसर स्थित श्रम कार्यालय के कक्ष क्रमांक 117 में आवेदन जमा कर सकते हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने वाली यह योजना सामाजिक सुरक्षा और शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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