छत्तीसगढ़

नवा रायपुर बनेगा राष्ट्रीय जल क्रीड़ा का केंद्र, पहली बार छत्तीसगढ़ में होगी देश की प्रतिष्ठित कायाकिंग-केनोईंग चैंपियनशिप

रायपुर। छत्तीसगढ़ खेल जगत में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। राजधानी क्षेत्र नवा रायपुर में पहली बार 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है। 12 से 14 जून तक सेंध लेक में आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय स्पर्धा में देशभर के युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता के शुभंकर ‘पहाड़ी मैना’ का अनावरण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया।

राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच, बोले मुख्यमंत्री साय

शुभंकर विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की मेजबानी से प्रदेश के खिलाड़ियों को नई पहचान मिलेगी और छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खेल केंद्रों में अपनी जगह मजबूत करेगा।

देशभर के युवा खिलाड़ी दिखाएंगे दम, रोमांचक मुकाबलों पर रहेंगी नजरें

तीन दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से आने वाले सैकड़ों खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। कायाकिंग और केनोईंग जल क्रीड़ा की ऐसी स्पर्धाएं हैं जिन्हें ओलम्पिक खेलों में भी महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। प्रतियोगिता के दौरान युवा खिलाड़ी अपनी तकनीक, गति और कौशल का प्रदर्शन करेंगे, जिससे दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

सेंध लेक में तैयार हुआ राष्ट्रीय स्तर का खेल मंच

इस प्रतिष्ठित आयोजन की जिम्मेदारी भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ, छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ और छत्तीसगढ़ कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन संयुक्त रूप से संभाल रहे हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। सेंध लेक को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है ताकि खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

छत्तीसगढ़ में जल क्रीड़ा को मिलेगी नई पहचान

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस राष्ट्रीय आयोजन से प्रदेश में जल क्रीड़ा गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। साथ ही युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर प्रदर्शन का अवसर मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे।

खेल पर्यटन और प्रदेश की पहचान को भी मिलेगा लाभ

राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता से केवल खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति और खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सफल आयोजन के जरिए प्रदेश अपनी संगठन क्षमता और खेल अधोसंरचना का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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