छत्तीसगढ़

भारतमाला मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई: ईडी की छापेमारी से हड़कंप, ठेकेदार दीपेश गांधी के घर पर दबिश

 धमतरी :  भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी ठेकेदार दीपेश गांधी के आमापारा स्थित निवास पर ईडी की टीम ने सुबह से ही छापेमारी शुरू की। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।

सुबह-सुबह पहुंची ईडी की टीम, दस्तावेजों की गहन जांच जारी

जानकारी के अनुसार ईडी की टीम मंगलवार सुबह धमतरी स्थित दीपेश गांधी के घर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की। टीम द्वारा घर के अंदर दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इससे पहले भी इसी मामले में धमतरी, कुरूद और अभनपुर में कई स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है।

मुआवजा घोटाले में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप

ईडी की जांच भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा के लिए जमीन अधिग्रहण में हुए कथित मुआवजा घोटाले से जुड़ी है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में कई स्तरों पर अनियमितताएं और धोखाधड़ी सामने आई हैं।

जमीन टुकड़ों में बांटकर बढ़ाया गया मुआवजा, करोड़ों की हेराफेरी का आरोप

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों ने अपने परिवार और संबंधित लोगों के साथ मिलकर अधिग्रहण क्षेत्र की जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया, ताकि अधिक मुआवजा प्राप्त किया जा सके। आरोप है कि इस तरीके से लगभग 56 लाख रुपये के स्थान पर करीब 9.83 करोड़ रुपये का मुआवजा हासिल किया गया।

करोड़ों की अवैध संपत्ति निवेश के जरिए छिपाने का आरोप

ईडी के अनुसार इस कथित घोटाले से प्राप्त रकम को शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय माध्यमों में निवेश कर वैध दिखाने की कोशिश की गई। एजेंसी का दावा है कि इस पूरे मामले में लगभग 9 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की गई।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी और छापेमारी

इससे पहले भी इस केस में ईडी द्वारा कई जगहों पर छापे मारे जा चुके हैं और एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। जांच एजेंसी लगातार इस मामले से जुड़े नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है।

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