भ्रष्टाचार केस में जेल में बंद पूर्व चीफ इंजीनियर को हाईकोर्ट से राहत, नियमित जमानत मंजूर होने के बाद बाहर आने का रास्ता साफ

बिलासपुर। भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर भागीरथी वर्मा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की एकल पीठ ने उन्हें मामले में नियमित जमानत प्रदान कर दी है।भागीरथी वर्मा के खिलाफ ACB रायपुर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में थे।
2019 से 2023 तक चीफ इंजीनियर रहे वर्मा
भागीरथी वर्मा वर्ष 2019 से 2023 के बीच नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। उनके खिलाफ नगर निगम से जुड़े विभिन्न ठेकों में कथित अनियमितता और कमीशन मांगने के आरोप लगाए गए थे।शिकायत में दावा किया गया था कि ठेकेदारों को काम दिलाने के बदले प्रत्येक ठेके की राशि का 25 प्रतिशत कमीशन मांगा जाता था।
2 करोड़ रुपये से ज्यादा लेने का आरोप
मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि अलग-अलग माध्यमों से वर्मा ने करीब 2 करोड़ 2 लाख 52 हजार रुपये की रकम और कुछ कीमती सामान हासिल किए।शिकायत के आधार पर ACB ने प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। जांच के बाद पूर्व चीफ इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा गया।
हाईकोर्ट के आदेश से जेल से निकलने का रास्ता साफ
मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने भागीरथी वर्मा की नियमित जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत के इस आदेश के बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।हालांकि, नियमित जमानत मिलने का अर्थ मामले में लगे आरोप समाप्त होना नहीं है। भ्रष्टाचार से जुड़े प्रकरण में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।




