छत्तीसगढ़

दो महीने बाद भी नहीं खुला हत्या का राज, अब गांव में डेरा डालकर SIT करेगी जांच, पुलिस आउटपोस्ट भी खुलेगा

 जांजगीर-चांपा :  मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा में करीब दो महीने पहले हुई युवक की हत्या का मामला अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। लगातार जांच के बावजूद आरोपी तक पहुंचने में सफलता नहीं मिलने के बाद पुलिस ने अब जांच की पूरी रणनीति बदल दी है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ASP के नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है।सबसे अहम बदलाव यह है कि अब जांच अधिकारी गांव से ही रहकर मामले की कड़ियां जोड़ेंगे। इसके लिए कोसा में पुलिस आउटपोस्ट शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि गांव में लगातार मौजूदगी से ऐसे सुराग सामने आ सकते हैं, जो अब तक की जांच में सामने नहीं आए।

घर से निकला अमित, दो दिन बाद तालाब किनारे मिला शव

ग्राम कोसा निवासी अमित कुमार भण्डारी 27 जून को घर से बिना बताए निकल गया था। परिवार और ग्रामीण उसकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान 29 जून को उसका शव तालाब के किनारे बरामद हुआ।सूचना मिलने के बाद मुलमुला पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा समेत आवश्यक कार्रवाई पूरी की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।कई स्तर पर पतासाजी के बाद भी अब तक आरोपी का सुराग नहीं मिल पाया है।

SIT को सौंपी गई जांच, SP ने खुद घटनास्थल का लिया जायजा

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने 3 सितंबर को घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके की स्थिति और अब तक की जांच की समीक्षा के बाद उन्होंने नई SIT गठित करने के निर्देश दिए।SIT की कमान ASP डॉ. यूलैण्डन यार्क को दी गई है। टीम में SDOP अकलतरा डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह, मुलमुला थाना प्रभारी टीआई शिवानंद सिंह, साइबर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा, प्र.आर. रूद्रनारायण कश्यप, राजकुमार चन्द्रा तथा आरक्षक प्रदीप दुबे, शहबाई अहमद, रामगोपाल भारती और ओमप्रकाश डहरिया को शामिल किया गया है।

गांव में रहकर सुराग तलाशेगी पुलिस

नई जांच व्यवस्था के तहत SIT के सदस्य कोसा गांव में रहकर ही मामले की पड़ताल करेंगे। पुलिस आउटपोस्ट खुलने के बाद पुलिसकर्मियों की गांव में लगातार मौजूदगी रहेगी। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाना भी आसान होगा।जांच टीम पुराने बयानों और सुरागों की दोबारा समीक्षा करेगी। संदिग्ध लोगों से नए सिरे से पूछताछ की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर घटनाक्रम का री-क्रिएशन भी कराया जा सकता है।

वेश बदलकर पूछताछ से लेकर डॉग स्क्वायड तक, जांच का दायरा बढ़ा

पुलिस अब केवल औपचारिक पूछताछ तक सीमित नहीं रहना चाहती। जरूरत पड़ने पर टीम के सदस्य वेश बदलकर भी गांव में जानकारी जुटा सकते हैं। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों से बिना किसी दबाव के घटना से जुड़े संभावित सुराग हासिल करना है।जांच में डॉग हैंडलर की मदद भी ली जाएगी। घटना के समय पुलिस डॉग ने एक युवती के घर के बाहर जाकर प्रतिक्रिया दी थी। पुलिस अब इस पहलू की भी नए सिरे से जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश होगी कि उस स्थान का घटना से कोई संबंध है या नहीं।

पुराने सुरागों को तकनीकी जांच से जोड़ेगी टीम

SIT पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले तथ्यों, पुराने बयानों और तकनीकी साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा करेगी। पुलिस संदिग्ध लोगों की गतिविधियों और घटना के समय उनकी मौजूदगी से जुड़े पहलुओं को भी खंगालेगी।जांच का उद्देश्य अलग-अलग सुरागों को जोड़कर हत्या के पीछे की वजह और आरोपी तक पहुंचना है।

SP बोले- नए सिरे से होगी पूरे मामले की जांच

एसपी विजय कुमार पाण्डेय के मुताबिक युवक का शव करीब दो महीने पहले मिला था और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। अब मामले की दोबारा गहन जांच के लिए ASP के नेतृत्व में SIT बनाई गई है। साथ ही कोसा में पुलिस आउटपोस्ट खोलने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पुलिसकर्मी गांव में रहकर जांच आगे बढ़ा सकें।पुलिस की बदली रणनीति के बाद अब लंबे समय से अनसुलझे इस हत्याकांड में नए सुराग मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। आने वाले दिनों में SIT की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि अमित कुमार भण्डारी की हत्या के पीछे क्या वजह थी और वारदात को अंजाम देने वाला कौन था।

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