एक गिरफ्तारी से शुरू हुई सियासी बहस अब कई सवालों तक पहुंची, रायपुर में नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

रायपुर : क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भगवान शिव पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में हुई कार्रवाई को लेकर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार से इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की मांग की है।अजय चंद्राकर का आरोप है कि पन्नालाल की गिरफ्तारी को केवल एक आपराधिक घटना के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने धर्मांतरण और कथित विदेशी फंडिंग से जुड़े मामलों की भी जांच की जरूरत बताई है। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
पन्नालाल की गतिविधियों और फंडिंग की जांच की मांग
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया कि अरुण पन्नालाल कब धर्मांतरित हुए, उन्हें किन संस्थाओं से आर्थिक सहायता मिली और उस धन का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया। उन्होंने उनकी आय के स्रोतों और संस्थागत संबंधों की भी जांच की मांग की।चंद्राकर ने दावा किया कि पन्नालाल से जुड़े विदेशी फंडिंग के पहलू की भी पड़ताल होनी चाहिए। उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि पूरी पृष्ठभूमि सामने आनी चाहिए।
कांग्रेस ने गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर साधा निशाना
दूसरी ओर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा और उससे जुड़े संगठनों पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बजरंग दल और आरएसएस के लोगों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है और कांग्रेस इसकी निंदा करती है।शुक्ला ने सरकार से आत्मावलोकन करने की बात कही। उनका कहना था कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के नाम पर लोगों को उकसाने और कार्रवाई करने के बजाय सभी समुदायों के प्रति सम्मान की भावना बनाए रखनी चाहिए।
कांग्रेस की रैंकिंग पर चंद्राकर ने उठाए सवाल
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग के बाद पार्टी नेतृत्व द्वारा रैंकिंग किए जाने की चर्चा पर भी अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास फिलहाल रैंकिंग जैसे कामों के लिए समय निकालने के अलावा भी कई मुद्दे हैं।चंद्राकर ने इस रैंकिंग की खबर को लेकर संदेह जताया और कांग्रेस पर संगठनात्मक दिशा की कमी का आरोप लगाया। उनके मुताबिक पार्टी के पास स्पष्ट कार्यक्रम, उद्देश्य और विजन नहीं है और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने के लिए इस तरह की गतिविधियां कराई जा रही हैं।
जवाब में कांग्रेस ने भी चंद्राकर पर किया पलटवार
अजय चंद्राकर के बयान पर सुशील आनंद शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चंद्राकर पर भाजपा के भीतर हाशिये पर जाने का आरोप लगाते हुए उनके बयानों को गैरजरूरी बताया।शुक्ला ने E20 पेट्रोल के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आम लोगों से जुड़ी समस्या है और इस पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर सत्ता में रहते हुए अपने संगठनात्मक आधार को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।
कमिश्नरेट व्यवस्था पर भाजपा के भीतर भी अलग राय
रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू किए जाने के मुद्दे पर भाजपा नेताओं के विचारों में अंतर भी सामने आया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा लिखे गए पत्र पर अजय चंद्राकर ने कहा कि उन्होंने पत्र पढ़ा है और नई व्यवस्था को पूरी तरह स्थापित होने में समय लग सकता है।चंद्राकर का कहना है कि रायपुर को अलग-अलग हिस्सों में बांटने के बजाय पूरे शहर को एक ही कमिश्नरेट व्यवस्था के अंतर्गत रखा जाना चाहिए। उन्होंने व्यवस्था को लागू करने के तरीके और उसके प्रशासनिक दायरे पर भी विचार की जरूरत बताई।
कांग्रेस ने व्यवस्था के नतीजों पर ही सवाल खड़े कर दिए
कमिश्नरेट प्रणाली को लेकर चंद्राकर की टिप्पणी पर सुशील आनंद शुक्ला ने इसे राज्य सरकार की कथित विफलता का परिणाम बताया। उन्होंने दावा किया कि व्यवस्था लागू होने के बाद भी अपराध पर अपेक्षित नियंत्रण नहीं हुआ है और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में सवाल बने हुए हैं।शुक्ला ने आरोप लगाया कि कई मामलों में एफआईआर दर्ज करने में भी परेशानी सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बावजूद अपराधों में प्रभावी कमी दिखाई नहीं दी है। कांग्रेस का दावा है कि इस व्यवस्था से अब तक अपेक्षित सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं।




