छत्तीसगढ़

साधु के भेष में स्टेशन पहुंचे दो यात्री, पोटलियों की तलाशी खुला ऐसा राज कि RPF भी रह गई हैरान

बिलासपुर : रेल मंडल में नशे की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान आरपीएफ की विशेष टास्क टीम ने निगौरा रेलवे स्टेशन पर दो अंतरराज्यीय तस्करों को पकड़ा है। दोनों आरोपी साधु का भेष बनाकर गांजा लेकर जा रहे थे। उनके पास से 15.540 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.77 लाख रुपए बताई गई है।यह कार्रवाई वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सौरभ कुमार के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने की। घटना रात करीब 1 बजे की बताई जा रही है।

भगवा कपड़ों में देखकर हुआ संदेह

सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आरपीएफ टास्क टीम निगौरा स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त कर रही थी। इसी दौरान जवानों की नजर भगवा कपड़े पहने दो व्यक्तियों पर पड़ी। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर टीम ने दोनों से पूछताछ शुरू की।जांच के दौरान उनके पास मौजूद कपड़ों की पोटलियों को भी देखा गया। तलाशी लेने पर पोटलियों के भीतर पैकेट में रखा गांजा मिला। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर बरामद सामग्री की कार्रवाई की गई।

दोनों आरोपियों से अलग-अलग मात्रा में गांजा बरामद

पूछताछ में आरोपियों की पहचान पंजाब के संगरूर जिले के निवासी हंसा नाथ, उम्र 40 वर्ष और मनता नाथ उर्फ लंबू, उम्र 39 वर्ष के रूप में हुई।तलाशी में हंसा नाथ के कब्जे से 7.280 किलोग्राम गांजा और मनता नाथ के पास से 8.260 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। दोनों से कुल 15.540 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया।

जैतहरी पुलिस को सौंपे गए आरोपी

आरपीएफ ने दोनों आरोपियों को जब्त गांजे के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जैतहरी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया। पुलिस ने मामले में धारा 8/20(ख) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।पूछताछ के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।

2026 में अब तक 550 किलो से ज्यादा गांजा पकड़ा

बिलासपुर मंडल आरपीएफ की ओर से रेलवे के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक विभिन्न अभियानों के दौरान 550 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया जा चुका है।इसकी अनुमानित बाजार कीमत 3 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के जरिए होने वाली नशे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए आरपीएफ की विशेष टीमें लगातार निगरानी और जांच अभियान चला रही हैं।

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