छत्तीसगढ़ के 27,196 बूथों पर बनेंगे किसान मित्र, 2.71 लाख लोगों का नेटवर्क तैयार करने की योजना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों से सीधा संपर्क बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने के लिए भाजपा किसान मोर्चा ने व्यापक अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित किसान मोर्चा की राज्यस्तरीय कार्यशाला में इस योजना की जानकारी दी। इसके तहत प्रदेश के सभी 27,196 मतदान बूथों पर 10-10 किसान मित्र नियुक्त किए जाएंगे। लक्ष्य पूरा होने पर राज्य में कुल 2 लाख 71 हजार 960 किसान मित्रों का नेटवर्क तैयार होगा।इस पहल के जरिए गांव और बूथ स्तर पर किसानों से नियमित संवाद स्थापित करने, उनकी जरूरतों को समझने और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी उन तक पहुंचाने की तैयारी है।
हर मतदान बूथ पर तैनात होंगे 10 किसान मित्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि किसान मोर्चा के डिजिटल अभियान के तहत प्रत्येक मतदान बूथ पर 10 किसान मित्र बनाए जाएंगे। ये स्थानीय किसानों के संपर्क में रहकर उनकी समस्याओं, जरूरतों और सुझावों की जानकारी जुटाएंगे।किसान मित्रों की जिम्मेदारी केवल संवाद तक सीमित नहीं रहेगी। वे किसानों को सरकारी योजनाओं के बारे में बताएंगे और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी देंगे। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इस व्यवस्था से किसानों तक पहुंचने और उनकी समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी।
‘किसान मितान’ ऐप से जुड़ेगा डिजिटल अभियान
इस अभियान में डिजिटल तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए ‘किसान मितान’ ऐप शुरू करने की जानकारी दी गई है। ऐप और बूथ स्तर पर बनाए जाने वाले किसान मित्रों के माध्यम से किसानों से संपर्क बढ़ाने तथा उनके मुद्दों का विवरण जुटाने का प्रयास होगा।भाजपा किसान मोर्चा का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय कार्यकर्ताओं का ऐसा नेटवर्क तैयार हो, जो किसानों की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर पहचाने और उनकी जानकारी संबंधित स्तर तक पहुंचाए।
सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है। इनका वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा, जब पात्र किसानों को समय पर योजनाओं की जानकारी मिले और वे उनका लाभ लेने की प्रक्रिया समझ सके।किसान मित्र किसानों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने के साथ उनकी जरूरतों और समस्याओं को भी संगठन तक पहुंचाएंगे। इस पहल से किसान मोर्चा का बूथ स्तर पर विस्तार होने के साथ किसानों के साथ सीधा संवाद मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।




