पोस्ट ऑफिस एजेंट का करोड़ों का खेल बेनकाब, 150 से ज्यादा खाताधारकों से ठगी, पासबुक में एंट्री लेकिन खाते में नहीं पहुंचा पैसा

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पोस्ट ऑफिस के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। चांपा पुलिस ने एक पोस्ट ऑफिस एजेंट को गिरफ्तार कर ऐसे फर्जीवाड़े का खुलासा किया है, जिसमें 150 से अधिक खाताधारकों से जमा राशि लेकर उसे पोस्ट ऑफिस में जमा ही नहीं किया गया। शुरुआती जांच में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की गड़बड़ी सामने आई है, जबकि पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।
आरडी खाते में निवेश का झांसा देकर करता था वसूली
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान कृष्णकांत गुप्ता के रूप में हुई है। वह अपनी मां के साथ चांपा पोस्ट ऑफिस में एजेंट के तौर पर कार्य करता था। आरोपी लोगों को आवर्ती जमा यानी आरडी योजना में निवेश कराने का भरोसा दिलाकर हर महीने करीब 3 हजार रुपये या तय किस्त के अनुसार रकम वसूलता था, लेकिन उसे संबंधित खातों में जमा नहीं करता था।
एक शिकायत से खुली करोड़ों की ठगी की परतें
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब चांपा निवासी हेमंत कुमार देवांगन ने पुलिस से शिकायत की। उन्होंने बताया कि सितंबर 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपी ने उनसे कुल 1.21 लाख रुपये जमा कराने के नाम पर लिए थे। जब उन्होंने अपने खाते का रिकॉर्ड जांचा तो पता चला कि जमा राशि का कोई रिकॉर्ड पोस्ट ऑफिस में मौजूद ही नहीं है। इसके बाद मामले की शिकायत दर्ज कराई गई।
पासबुक में करता था एंट्री, लेकिन खाते में नहीं पहुंचती थी रकम
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी खाताधारकों की पासबुक और जमा डायरी में नियमित रूप से राशि दर्ज कर देता था, जिससे लोगों को किसी तरह का संदेह नहीं होता था। जबकि वास्तविकता यह थी कि जमा की गई रकम पोस्ट ऑफिस के खाते में पहुंच ही नहीं रही थी और आरोपी उसे अपने पास रख लेता था।
मोबाइल, पासबुक और दस्तावेज जब्त, आरोपी भेजा गया जेल
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, कई पासबुक और चेकबुक बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब अन्य खाताधारकों के दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि ठगी की वास्तविक रकम और प्रभावित लोगों की संख्या का पता लगाया जा सके।




