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करोड़ो का स्कूल भवन तैयार, फिर भी ताले में कैद पढ़ाई! आखिर कब मिलेगा बचेली के विद्यार्थियों को अपना स्कूल?


छह वर्षों से दूसरे स्कूल भवन में दो पालियों में चल रही कक्षाएं, दोनों विद्यालयों की पढ़ाई प्रभावित,
नया सत्र शुरू होने के बाद भी नए भवन में शिफ्टिंग नहीं, पालकों और नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की

दुर्जन सिंह

बचेली : नगर के वार्ड क्रमांक-6 स्थित पुराना मार्केट शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नया भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद आज भी विद्यार्थियों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। करोड़ो की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक विद्यालय भवन पिछले चार से पांच महीनों से तैयार खड़ा है, नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 भी 16 जून से शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक विद्यालय की कक्षाएं नए भवन में प्रारंभ नहीं हो सकी हैं। ऐसे में विद्यार्थियों, पालकों और स्थानीय नागरिकों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है।

इस विद्यालय भवन का निर्माण एनएमडीसी बचेली के सीएसआर मद से नगर पालिका की एजेंसी द्वारा कराया गया है। निर्माण कार्य अक्टूबर 2020 में शुरू हुआ था। उसी दौरान पुराने भवन को खाली कर विद्यालय को अस्थायी रूप से वार्ड क्रमांक-4 स्थित नया मार्केट में सरस्वती स्कूल एवं आदर्श स्कूल भवन में स्थानांतरित कर दिया गया था। उस समय उम्मीद थी कि भवन तैयार होते ही स्कूल वापस अपने नए परिसर में संचालित होने लगेगा, लेकिन छह वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

छह वर्षों से दो पालियों में पढ़ाई, दोनों स्कूलों के विद्यार्थी हो रहे प्रभावित

वर्तमान में सरस्वती व आदर्श स्कूल और पुराना मार्केट हाईस्कूल की कक्षाएं एक ही परिसर में अलग-अलग पालियों में संचालित हो रही हैं। इसका सीधा असर दोनो विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण पर पड़ रहा है। सीमित समय, संसाधनों की कमी और दो पालियों की व्यवस्था के कारण विद्यार्थियों को पर्याप्त अध्ययन समय नहीं मिल पा रहा है। शिक्षकों पर भी अतिरिक्त दबाव है और नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्थायी व्यवस्था अब वर्षों पुरानी हो चुकी है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर लगातार प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

दूरी भी बनी बड़ी समस्या, घट रही विद्यार्थियों की संख्या

पालकों के अनुसार, विद्यालय का अस्थायी स्थान कई विद्यार्थियों के घरों से काफी दूर पड़ता है। इसके कारण कई छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति प्रभावित हुई है और विद्यालय की दर्ज संख्या में भी कमी देखने को मिली है। अभिभावकों का कहना है कि यदि विद्यालय अपने नए भवन में संचालित हो जाए तो विद्यार्थियों को सुविधाजनक वातावरण मिलेगा और उनकी पढ़ाई भी बेहतर ढंग से हो सकेगी।

भवन तैयार, लेकिन शुरू होने का इंतजार खत्म नहीं

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नया भवन पूरी तरह तैयार है। आवश्यक निर्माण कार्य भी समाप्त हो चुका है, फिर भी विद्यालय का संचालन शुरू नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। जब करोड़ों रुपये खर्च कर भवन तैयार कर दिया गया है तो आखिर विद्यार्थियों को उसका लाभ मिलने में देरी क्यों हो रही है? यह सवाल अब पूरे नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जगदलपुर दौरे के दौरान इस विद्यालय भवन का वर्चुअल उद्घाटन भी हो चुका है। हालांकि इस संबंध में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, प्राचार्य, विद्यार्थियों अथवा आम नागरिकों के पास कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। वहीं, कुछ समय पूर्व दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के बचेली-किरंदुल दौरे के दौरान स्थानीय नागरिकों ने इस भवन को शीघ्र शुरू कराने की मांग भी उठाई थी। उस समय उन्होंने जल्द विद्यालय प्रारंभ कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक स्थिति में कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार लगातार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर आधारभूत सुविधाओं की बात करती है, लेकिन बचेली में इसका उल्टा दृश्य देखने को मिल रहा है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए कई दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद विद्यार्थी आज भी अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते विद्यालय को नए भवन में स्थानांतरित नहीं किया गया तो इसका सबसे बड़ा नुकसान बच्चों की शिक्षा को होगा।

प्रशासन और शासन से उठी एक ही मांग

नगरवासियों, पालकों ने जिला प्रशासन तथा शासन से मांग की है कि नवनिर्मित विद्यालय भवन का शीघ्र विधिवत उद्घाटन कर विद्यालय को तत्काल नए परिसर में स्थानांतरित किया जाए, ताकि छह वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है जब भवन तैयार है, नया सत्र भी शुरू हो चुका है और बच्चे वर्षों से अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई कर रहे हैं, तो आखिर नए स्कूल भवन के दरवाजे विद्यार्थियों के लिए कब खुलेंगे?

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