CG News: पैतृक गांव गनियारी पहुंचा पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का पार्थिव शरीर, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

दुर्ग। छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का पार्थिव शरीर रायपुर एम्स से उनके पैतृक गांव गनियारी पहुंच गया है। गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अपनी प्रिय लोक कलाकार को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिष्य, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग गनियारी पहुंच रहे हैं।
नम आंखों से दे रहे अंतिम विदाई
गनियारी गांव में शोक का माहौल है। गांव की गलियों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है और हर कोई नम आंखों से अपनी प्रिय कलाकार को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। अंतिम दर्शन के लिए लगातार लोगों का पहुंचना जारी है।
प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। मौके पर दुर्ग कलेक्टर, एसएसपी समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
38 दिनों तक चला इलाज
डॉ. तीजन बाई पिछले करीब 38 दिनों से रायपुर एम्स में भर्ती थीं और उनका उपचार चल रहा था। रविवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ एम्स पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
लोककला जगत को अपूरणीय क्षति
पंडवानी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली डॉ. तीजन बाई के निधन से छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर है। राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम विदाई उनके लोककला और संस्कृति के प्रति अतुलनीय योगदान को सम्मान देने का प्रतीक मानी जा रही है।




