छत्तीसगढ़

बिल्हा में अटैचमेंट पर बड़ी कार्रवाई, 4 शिक्षक तत्काल मूल स्कूल भेजे गए, 17 की वापसी का प्रस्ताव DEO को भेजा

बिलासपुर। शिक्षा विभाग में लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों में संलग्न शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। बिल्हा विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से चार शिक्षकों का संलग्नीकरण तत्काल समाप्त करते हुए उन्हें उनकी मूल शालाओं में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही 17 अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों के अटैचमेंट खत्म करने का प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को भेजा गया है।

इन चार शिक्षकों को तत्काल मूल स्कूल भेजा गया

बीईओ के आदेश के अनुसार रश्मि पाण्डेय को शासकीय प्राथमिक शाला डबरीपारा से उनकी मूल शाला परसदा, संदीप दुबे को कोरियापारा से मुरकुटा, प्रवीण दुबे को साक्षर भारत बिल्हा से परसदा तथा श्वेता द्विवेदी को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर से उनकी मूल संस्था सेमरताल में वापस भेज दिया गया है।

सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल अपनी मूल संस्था में कार्यभार ग्रहण करने, वीएसके एप पर उपस्थिति दर्ज करने और आधार आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम से नियमित हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने या अनुपस्थित रहने की स्थिति में वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की होगी।

17 शिक्षकों और कर्मचारियों की वापसी के लिए DEO को भेजा प्रस्ताव

विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने ऐसे 17 शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची भी जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी है, जिनका संलग्नीकरण पूर्व में डीईओ या अन्य सक्षम अधिकारियों के आदेश से विभिन्न कार्यालयों में किया गया था। इनमें जिला शिक्षा कार्यालय, तहसील कार्यालय, जिला पंचायत, विधायक कार्यालय, साक्षर भारत मिशन, आदिवासी छात्रावास, जिला ग्रंथालय और बाढ़ नियंत्रण कक्ष जैसे कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं।

प्रस्तावित सूची में रेखा दुबे, रमेश कुमार गोपाल, बाबूलाल तिवारी, निशांत वर्मा, श्वेता चौहान, बलभद्र वर्मा, धीरेन्द्र भारद्वाज, प्रेस कुमार राय, धनंजय कर्ष, आशीष वर्मा, इन्द्रसान क्षत्री, सोहित पटेल, नगमा खान, प्रीतिलता शुक्ला, सरोज बाजपेयी, शहनाज बेगम और राजेश सिंह ठाकुर के नाम शामिल हैं।

एक मामला न्यायालय में विचाराधीन

प्रस्तावित सूची में शामिल सोहित पटेल के मामले का उल्लेख अलग से किया गया है। उनका प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। ऐसे में इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से मार्गदर्शन मांगा गया है और अंतिम निर्णय फिलहाल लंबित रहेगा।

अब DEO के आदेश का इंतजार

चार शिक्षकों की वापसी का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है, जबकि 17 अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों के अटैचमेंट समाप्त करने का अंतिम फैसला जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के बाद ही प्रभावी होगा। शिक्षा विभाग में इस कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षकों की मूल शालाओं में उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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