छत्तीसगढ़

CG Education News: सूरजपुर को जल्द मिलेगा नया डीईओ, स्कूल शिक्षा विभाग ने शुरू की नियुक्ति प्रक्रिया

 छत्तीसगढ़ :  स्कूल शिक्षा विभाग में जिला शिक्षा अधिकारियों के तबादले के बाद अब सूरजपुर जिले में नए डीईओ की नियुक्ति की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार मंत्री स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद फाइल समन्वय शाखा में पहुंच चुकी है और जल्द ही नियुक्ति आदेश जारी किया जा सकता है।

तबादले के बाद खाली हुआ था पद

स्कूल शिक्षा विभाग ने 11 जून को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 17 जिला शिक्षा अधिकारियों सहित 28 अधिकारियों का तबादला किया था। इसके बाद 30 जून को सूरजपुर के जिला शिक्षा अधिकारी के सेवानिवृत्त होने से यह पद रिक्त हो गया। पिछले कई दिनों से इस पद पर नई नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा है।

राजनीतिक चर्चा के बीच अंतिम चरण में पहुंची प्रक्रिया

सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने समय पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन विभिन्न स्तरों पर राय बनने में समय लगा। अब बताया जा रहा है कि दूसरे जिले के किसी जिला शिक्षा अधिकारी को सूरजपुर भेजा जाएगा। इसके चलते एक या दो अन्य जिलों में भी डीईओ स्तर पर बदलाव संभव है।

अगले सत्र से एक अप्रैल से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र

इसी बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने आगामी शैक्षणिक सत्र से बड़ा बदलाव करते हुए राज्य में एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू करने का निर्णय लिया है। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने लोक शिक्षण संचालनालय को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

नए आदेश के अनुसार अब प्रदेश में शिक्षा सत्र एक अप्रैल से 31 मार्च तक संचालित होगा। इसके साथ ही शाला प्रवेश उत्सव, निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, सरस्वती साइकिल योजना और गणवेश वितरण जैसी सभी योजनाएं भी एक अप्रैल से शुरू की जाएंगी।

कक्षा पहली में प्रवेश के लिए छह वर्ष आयु अनिवार्य

राज्य सरकार ने कक्षा पहली में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु छह वर्ष निर्धारित कर दी है। प्रवेश के लिए बच्चे की आयु संबंधित शैक्षणिक सत्र की एक अप्रैल की स्थिति के आधार पर तय की जाएगी।

निर्धारित आयु सीमा इस प्रकार होगी।

  • नर्सरी (बालवाटिका-1): 3 वर्ष से अधिक और 4 वर्ष से कम
  • केजी-1 (बालवाटिका-2): 4 वर्ष से अधिक और 5 वर्ष से कम
  • केजी-2 (बालवाटिका-3): 5 वर्ष से अधिक और 6 वर्ष से कम
  • कक्षा पहली: 6 वर्ष से अधिक और 7 वर्ष से कम

तीन महीने तक की विशेष छूट भी मिलेगी

यदि कोई बच्चा एक अप्रैल तक निर्धारित आयु पूरी नहीं कर पाता, लेकिन एक जुलाई तक आवश्यक आयु पूरी कर लेता है, तो उसे अधिकतम तीन महीने की विशेष छूट देकर संबंधित कक्षा में प्रवेश दिया जा सकेगा।

सरकारी और निजी सभी स्कूलों में लागू होंगे नियम

नई व्यवस्था प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर होने वाले प्रवेश भी इसी नियम के अनुसार किए जाएंगे।

इन छात्रों को मिलेगी आयु सीमा से राहत

यदि कोई विद्यार्थी किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय की पूर्व प्राथमिक कक्षा उत्तीर्ण कर स्थानांतरण प्रमाण पत्र के आधार पर सीधे कक्षा पहली में प्रवेश लेता है, तो उस पर नई आयु सीमा लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में विद्यालय के अभिलेखों में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।

नियमों के पालन और प्रचार के निर्देश

स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए नियमों का सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल समन्वयकों और विद्यालय प्रमुखों के माध्यम से कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही अभिभावकों तक इन बदलावों की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

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