छत्तीसगढ़

रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची मदद ने बढ़ाई खुशी…महतारी वंदन की किस्त से बहनों को मिला अपने फैसले खुद लेने का भरोसा

 रायपुर, । महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता प्रदेश की महिलाओं के लिए घरेलू जरूरतों के साथ व्यक्तिगत खर्च और विशेष अवसरों की तैयारियों में भी उपयोगी साबित हो रही है। रक्षाबंधन से पहले योजना की 30वीं किस्त मिलने से गौरेला विकासखंड के ग्राम मेढूका की देवेंद्र कुमारी भी उत्साहित हैं।देवेंद्र कुमारी के बैंक खाते में योजना की राशि पहुंचने के बाद उन्होंने बताया कि इस रकम से उन्हें रक्षाबंधन की खरीदारी में काफी मदद मिलेगी। वह राखी और त्योहार से जुड़ी जरूरी वस्तुओं की खरीदारी के लिए इस राशि का उपयोग करेंगी।

नियमित आर्थिक मदद से बढ़ा आत्मविश्वास

देवेंद्र कुमारी के अनुसार, महतारी वंदन योजना की सहायता से महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए दूसरों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से वे अपनी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं और परिवार की आवश्यकताओं में भी योगदान दे रही हैं।उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग के साथ इस योजना से महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अपने खर्च और जरूरतों को लेकर निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होने से परिवार में उनकी भागीदारी भी पहले से अधिक प्रभावी हुई है।

रक्षाबंधन पर सहायता बनी खुशी का कारण

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। ऐसे समय में खाते में योजना की किस्त पहुंचने से देवेंद्र कुमारी के लिए त्योहार की खुशी और बढ़ गई। उन्होंने कहा कि वह इस राशि से परिवार के साथ पर्व की तैयारियां करेंगी और राखी समेत जरूरी सामान खरीदेंगी।देवेंद्र कुमारी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाएं उन्हें स्नेह से ‘विष्णु भैया’ कहती हैं। उनके मुताबिक, रक्षाबंधन से पहले मिली आर्थिक सहायता उन्हें भाई की ओर से मिले उपहार जैसी महसूस हुई।

आत्मनिर्भरता की दिशा में आर्थिक संबल

महतारी वंदन योजना के जरिए मिलने वाली नियमित सहायता का उपयोग महिलाएं घरेलू जरूरतों, बच्चों से जुड़े खर्च, व्यक्तिगत आवश्यकताओं और त्योहारों की तैयारियों में कर रही हैं। इससे उन्हें आर्थिक फैसलों में अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर मिल रहा है।देवेंद्र कुमारी का अनुभव इसी बदलाव की एक तस्वीर पेश करता है। उनके लिए 30वीं किस्त सिर्फ त्योहार की खरीदारी में मदद करने वाली राशि नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों को खुद पूरा करने के बढ़ते भरोसे का माध्यम भी है। रक्षाबंधन से पहले खाते में आई इस सहायता ने उनके परिवार में त्योहार की तैयारियों और खुशी दोनों को बढ़ा दिया है।

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