‘जोहार जगन्नाथ’ अभियान का शुभारंभ, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दिखाई मनोकामना रथ को हरी झंडी

रायपुर। भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर राजधानी के कोतवाली चौक स्थित अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स (ए.टी. पैलेस) में ‘जोहार जगन्नाथ’ अभियान का शुभारंभ भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भगवान जगन्नाथ के मनोकामना रथ को हरी झंडी दिखाकर की।
आस्था और सेवा का संदेश देने वाला अभियान
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि ‘जोहार जगन्नाथ’ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि मनोकामना रथ के जरिए श्रद्धालुओं की प्रार्थनाएं भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों तक पहुंचेंगी, जबकि पुरी धाम से लाया गया पावन महाप्रसाद लोगों के बीच वितरित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए इस पहल को समाज को धार्मिक परंपराओं से जोड़ने वाला प्रेरक प्रयास बताया।
वैदिक विधि से हुई भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की स्थापना
ए.टी. पैलेस परिसर में भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की प्रतिमाओं की स्थापना वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। चेयरमैन तिलोकचंद बरड़िया, मंजू बरड़िया सहित पूरे बरड़िया परिवार तथा संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूजा-अर्चना एवं महाआरती कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की।
70वें स्थापना वर्ष में पहुंची संस्था, सेवा और संस्कृति को बताया प्राथमिकता
मीडिया संवाद के दौरान चेयरमैन तिलोकचंद बरड़िया ने बताया कि वर्ष 1957 में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दिन स्थापित अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स अब अपने 70वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि संस्था व्यापार के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में भी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। ‘जोहार जगन्नाथ’ अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान जगन्नाथ की भक्ति से जोड़ना है।
ज्वेलरी उद्योग की संभावनाओं पर भी हुई चर्चा
डायरेक्टर नितिन बरड़िया ने कहा कि ज्वेलरी बाजार तेजी से बदल रहा है और ग्राहकों की पसंद के साथ गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा आधुनिक डिजाइन का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नई तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के कारण भारतीय आभूषण उद्योग वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
वहीं डायरेक्टर निकेश बरड़िया ने कहा कि बदलते आर्थिक माहौल में सोना आज भी सुरक्षित निवेश का भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। उन्होंने बताया कि 9 से 16 जुलाई तक श्रद्धालु ए.टी. पैलेस पहुंचकर अपनी मनोकामनाएं लिखकर भगवान जगन्नाथ को समर्पित कर सकेंगे। इस दौरान प्रतिदिन पुरी धाम से लाए गए महाप्रसाद का वितरण भी किया जाएगा।
रील प्रतियोगिता में जीतने का मिलेगा मौका
संस्था के 70वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागियों के लिए रील प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है। प्रतिभागियों को भगवान श्री जगन्नाथ या अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स से संबंधित विषय पर रील बनाकर @atjewels.in के साथ कोलैब करना होगा। सर्वाधिक लाइक्स और शेयर पाने वाली तीन श्रेष्ठ रीलों को क्रमश: 15 हजार, 11 हजार और 5100 रुपये के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।
मीडिया संवाद के बाद हुआ सांस्कृतिक आयोजन
कार्यक्रम के समापन से पहले मीडिया प्रतिनिधियों और अतिथियों के लिए म्यूजिकल तंबोला का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने उत्साह के साथ भाग लिया। इसके बाद अतिथियों के लिए विशेष लंच की व्यवस्था की गई। अंत में चेयरमैन तिलोकचंद बरड़िया ने सभी अतिथियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों से ‘जोहार जगन्नाथ’ अभियान में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं समर्पित करने का आग्रह किया।




