छत्तीसगढ़

उद्योगों को मिलेगा नया प्रोत्साहन, छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 को दी मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिपरिषद ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य उद्योग और व्यापार से जुड़ी सरकारी प्रक्रियाओं को आसान, पारदर्शी, डिजिटल और तय समय सीमा में पूरा करना है, ताकि निवेशकों को बेहतर कारोबारी माहौल मिल सके।

ऐसा कानून लाने वाला पहला राज्य बनने का दावा

राज्य सरकार का कहना है कि इस तरह का विधेयक लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद निवेशकों को विभिन्न विभागों में लंबी और जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी, जिससे उद्योग लगाने की रफ्तार बढ़ेगी।

डीम्ड परमिशन और सेल्फ सर्टिफिकेशन जैसी सुविधाएं होंगी लागू

विधेयक में कई ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं जो कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल बनाएंगे। इसमें डीम्ड परमिशन, सेल्फ सर्टिफिकेशन, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन, जोखिम आधारित निरीक्षण व्यवस्था और दोहरे लाइसेंस जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे उद्योग स्थापित करने में लगने वाला समय और प्रशासनिक बोझ कम होगा।

उद्योगों के विस्तार के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से राज्य में नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा। निवेश बढ़ने के साथ उत्पादन और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां मजबूत होने की उम्मीद है।

आर्थिक विकास को मिलेगी नई दिशा

राज्य सरकार के अनुसार यह विधेयक छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान होने से नए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा, निजी निवेश आकर्षित होगा और राज्य औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकेगा।

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