जेलों के भीतर आखिर क्या हो रहा है? सरकारी आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, कई मामलों की जांच अब भी अधूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की जेलों में कैदियों की मौत के आंकड़ों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा में पेश सरकारी जानकारी के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में जेल अभिरक्षा के दौरान 375 कैदियों की मौत हुई है। इनमें से अधिकांश मामलों में जांच कराई गई, लेकिन अब भी कई प्रकरणों की रिपोर्ट लंबित है।
गृह मंत्री ने सदन में रखी पूरी जानकारी
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल के प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 से 25 जून 2026 तक जेल अभिरक्षा में कुल 375 कैदियों की मृत्यु दर्ज की गई। इनमें 373 मामलों में दंडाधिकारी या न्यायिक जांच के आदेश जारी किए गए।सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 311 मामलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जबकि 62 मामलों में जांच प्रतिवेदन अभी तक विभाग को नहीं मिला है।
2022 में सबसे अधिक मौतें दर्ज
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 जेल अभिरक्षा में मौतों के लिहाज से सबसे चिंताजनक रहा। इस वर्ष 90 कैदियों की मौत दर्ज की गई, जबकि 89 मामलों में जांच कराई गई और सभी जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैं।वहीं वर्ष 2026 में 25 जून तक 35 कैदियों की मौत हुई है। इनमें केवल तीन मामलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जबकि 32 मामलों की रिपोर्ट अभी लंबित है। वर्ष 2025 में भी 55 मौतों में से 27 मामलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
पांच वर्षों का पूरा रिकॉर्ड
| वर्ष | जेल अभिरक्षा में मौतें | जांच के आदेश | जांच रिपोर्ट प्राप्त | जांच रिपोर्ट लंबित |
|---|---|---|---|---|
| 2021 | 71 | 71 | 71 | 0 |
| 2022 | 90 | 89 | 89 | 0 |
| 2023 | 57 | 56 | 56 | 0 |
| 2024 | 67 | 67 | 64 | 3 |
| 2025 | 55 | 55 | 28 | 27 |
| 2026 (1 जनवरी से 25 जून तक) | 35 | 35 | 3 | 32 |
| कुल | 375 | 373 | 311 | 62 |
लंबित जांच पर उठ सकते हैं सवाल
विधानसभा में प्रस्तुत इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि हाल के वर्षों में जेल अभिरक्षा में हुई मौतों की जांच प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही है। विशेष रूप से वर्ष 2025 और 2026 के अधिकांश मामलों में जांच रिपोर्ट लंबित होने से जांच की गति और जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सरकार की ओर से सदन में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों ने जेल प्रशासन और जांच प्रक्रिया दोनों पर नई चर्चा शुरू कर दी है।




