पुसौर में 8 भाजपा पार्षदों के इस्तीफे से हलचल, मंत्री जायसवाल बोले- राजनीति में लोग अलग-अलग कारणों से इस्तीफा देते रहते हैं

रायपुर: रायगढ़ जिले के पुसौर नगर पंचायत में भाजपा से जुड़े 8 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की खबर से स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है। पार्षदों ने नगर पंचायत के कामकाज, अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और अपने वार्डों में विकास कार्य नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने की बात कही है। हालांकि, इस्तीफे की औपचारिक स्वीकृति को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा जिलाध्यक्ष अरुणधर दीवान ने कहा है कि उन्हें औपचारिक इस्तीफा नहीं मिला है और उन्होंने संबंधित पार्षदों को बातचीत के लिए बुलाया है।
मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम
पुसौर के घटनाक्रम पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इसे राजनीति में होने वाला सामान्य घटनाक्रम बताते हुए कहा कि अलग-अलग परिस्थितियों और कारणों से लोग इस्तीफा देते रहते हैं।पार्षदों की ओर से जिला भाजपा अध्यक्ष अरुणधर दीवान को भेजे गए त्यागपत्र में वार्डों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े काम नहीं होने की शिकायत की गई है।
पानी, बिजली, सड़क और नाली के काम नहीं होने का आरोप
त्यागपत्र में पार्षदों ने नगर पंचायत अध्यक्ष और शासकीय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि उनके वार्डों में पानी, बिजली, सड़क और नाली समेत जनसुविधा से जुड़े अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो रहे हैं।
पार्षदों ने पार्षद निधि से जुड़े कार्यों में भी प्रगति नहीं होने का आरोप लगाया है। इन्हीं समस्याओं का हवाला देते हुए उन्होंने पार्टी से त्यागपत्र देने की बात कही है। ये आरोप संबंधित पार्षदों की ओर से लगाए गए हैं।
इन 8 पार्षदों के नाम त्यागपत्र में शामिल
जिन पार्षदों के नाम त्यागपत्र में बताए गए हैं, उनमें वार्ड 6 के बलराम, वार्ड 14 के शौकीलाल चौहान, वार्ड 11 के रूपेश कुमार साव, वार्ड 1 के प्रदीप यादव, वार्ड 2 के फागूलाल प्रधान, वार्ड 3 की मंजू पटेल, वार्ड 7 के वरुण महाणा और नगर पंचायत उपाध्यक्ष उमेश साव शामिल हैं।
भूपेश बघेल के सवाल पर जायसवाल का पलटवार
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के खर्च को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से उठाए गए सवालों पर भी मंत्री जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में हुए खर्च से जुड़े हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता इन सवालों का जवाब देगी और 2028 के विधानसभा चुनाव में इसका उत्तर मिलने की बात कही।
सरगुजा की 14 सीटों को लेकर कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस की ओर से सरगुजा संभाग की सभी 14 विधानसभा सीटों पर फिर वापसी के दावे को लेकर भी जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने दावे कर सकती है। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी।
मंत्री ने कांग्रेस के 14 सीटों पर वापसी के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि सपने देखने में कुछ नहीं जाता और आने वाले चुनाव में जनता अपना फैसला देगी।




